दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत, शिक्षकों ने रखे विचार‘शिक्षा और स्वास्थ्य मुनाफे का क्षेत्र नहीं’

दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत, शिक्षकों ने रखे विचार‘शिक्षा और स्वास्थ्य मुनाफे का क्षेत्र नहीं’
 
 

जयपुर. राजधानी में विभिन्न शैक्षणिक संगठनों की ओर से शुक्रवार से शिक्षकों के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई।

गांधी नगर स्थित शहीद अभय पारीक राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय की ओर से यह कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि शिक्षाविद डॉ. वृन्दावन चन्द्र दास रही। चौथमल कुमावत ने जिला सम्मेलन का उद्देश्य एवं महत्व बताया। दास ने गीता के सिद्धांतों को अपनाते हुए सभी लोगों को जोड़ने का सुझाव दिया। मुख्य वक्ता उमराव लाल ने विचार रखे। पर्यवेक्षक दिलीप शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए।

राजस्थान शिक्षक एवं कर्मचारी संघ समायोजित की ओर से मानसरोवर सिटी पार्क में पौधे लगाकर सम्मेलन की शुरुआत की। अध्यक्षता संघ के प्रांतीय संयोजक विजय उपाध्याय ने की। संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने प्राकृतिक के संरक्षण पर बल देते हुए इसे पाठ्यक्रम में शामिल कराने का सुझाव दिया।

पुरस्कृत शिक्षक फोरम राजस्थान जयपुर जिला इकाई की ओर से सी स्कीम स्थित महात्मा गांधी राजकीय एन.वी.डी विद्यालय में कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा जयपुर संभाग योगेश शर्मा, राजेश शर्मा मौजूद रहे।

अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) की ओर से सोडाला स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सम्मेलन आयोजित हुआ। इस मौके पर प्रोफेसर डॉ. विशाल विक्रम सिंह ने कहा कि भावी पीढ़ी को शिक्षित करना शिक्षक का धर्म है। शिक्षा और स्वास्थ्य मुनाफा के क्षेत्र नहीं है। मुनाफा कमाकर दिया गया ज्ञान समाज का भला नहीं कर सकता है।