मैंने पूर्व न्यायाधीशों का कहा दोहराया, फिर भी आपत्ति है तो मुझे माफ करें: गहलोत

जयपुर . मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने न्यायपालिका को लेकर दिए बयान को लेकर कहा कि मैंने तो न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के बारे में पूर्व न्यायाधीशों की कही बात दोहराई थी। फिर भी कुछ आपत्तिजनक लगता है तो बिना शर्त माफी चाहता हूं। हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री के इस जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिकाकर्ता से पक्ष रखने को कहा है। अब सुनवाई 7 नवम्बर को होगी। मुख्य न्यायाधीश ए जी मसीह व न्यायाधीश एम एम श्रीवास्तव की खण्डपीठ ने अधिवक्ता शिवचरण गुप्ता की जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की। याचिका में मुख्यमंत्री की ओर से पिछले दिनों न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को लेकर दिए बयान को लेकर उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही करने का आग्रह किया गया था। मुख्यमंत्री की ओर से याचिका पर जवाब दिया है कि वे कानून व न्यायपालिका का बेहद सम्मान करते हैं और विधि के क्षेत्र से उनका जुड़ाव भी रहा है। जवाब में गहलोत ने कहा कि मैं पिछले कुछ वर्षों से पढ़ रहा हूं कई भूतपूर्व व वर्तमान न्यायाधीशों ने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात कही थी। इस बारे में कई पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों के कथन को भी जवाब का हिस्सा बनाया है।

भूलकर भी कानून व न्यायपालिका का सम्मान कम करने के लिए बयान नहीं दिया। फिर भी लगता है कि कुछ अवमाननाकारक कहा है तो वे बिना शर्त माफी मांग रहे हैं।मुख्यमंत्री गहलोतकी ओर से जवाब

 

मैंने…

जवाब में कहा है कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के बारे में 2020 में लेख में भी पढ़ा। इसी आधार पर मैंने कहा कि न्यायपालिका के अंदर भारी भ्रष्टाचार है। कई वकील तो मैंने सुना है फैसला लिखकर ले आते हैं और फैसला वही आता है। न्यायपालिका में यह हो क्या रहा है। जवाब में कहा कि यह सब कहने के पीछे उनका मकसद न्यायपालिका को नुकसान पहुंचाना नहीं था। ऐसे में उन्हें माफ कर याचिका को खारिज कर दिया जाए।

गहलोत ने कहा: सरकार पर झूठे आरोप लगाना बंद करें पीएम मोदी

नाथद्वारा . मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेवाड़ में लोगों को गुमराह किया। उन्होंने राजस्थान का जो चित्रण किया है, वह उचित नहीं। गहलोत मिशन-2030 के तहत मंगलवार को यहां दामोदरलाल स्टेडियम में हुई सभा को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान ने देश में कीर्तिमान स्थापित किए हैं। चाहे सोशल सिक्योरिटी हो, महंगाई राहत की बात हो या हमारे बनाए कानून हो, जिनकी देश और दुनिया में चर्चा हो रही है। कोरोनाकाल में भीलवाड़ा मॉडल की तारीफ डब्ल्यूएचओ ने भी की। राइट टू हेल्थ, न्यूनतम आय अधिनियम, किसानों की जमीन कुर्की से बचाने का कानून बना। लेकिन सभा में जनता को भ्रमित करने के लिए पीएम कई झूठे आरोप लगाए, यह उचित नहीं था।

पद की गरिमा रखें…

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा, आप प्रधानमंत्री हैं, आपके पद की गरिमा है। चुनाव जीतने के लिए जिस प्रकार आप, आपके साथी केन्द्रीय मंत्री और पूरा कुनबा बैठा हुआ है राजस्थान में, धावा बोल दिया है। आपके नेता क्या बोलकर झूठे आरोप लगाते हैं, वह आपको भी मालूम है। ऐसे झूठे आरोप लगाना बंद करें। गहलोत ने केंद्र पर राजस्थान के प्रोजेक्ट बंद करने के आरोप लगाए