चांद से संदेश – भारत, मैं मुकाम पर पहुंचा और आप भी

चंद्रयान ने 40 दिन में पृथ्वी की 21, चंद्रमा की 120 परिक्रमा की; 3.84 लाख किमी पहुंचने के लिए 55 लाख किमी दूरी तय की

चांद से संदेश - भारत, मैं मुकाम पर पहुंचा और आप भीकमांड सेंटर से इसरो चेयरमैनए स . सोमनाथ

 

23 अगस्त, शाम 6 बजकर 2 मिनट चांद के दक्षिणी ध्रुव की सतह को सफलतापूर्वक छूते ही यह तारीख और समय इतिहास में दर्ज हो गया। 140 करोड़ भारतीयों के सपनों को लेकर उड़े चंद्रयान-3 ने सॉफ्ट लैंडिंग
की तो देश का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। चंद्रयान- 3 ने पहला संदेश दिया- ‘भारत, मैं मुकाम पर पहुंच गया और आप भी।’ इस सफलता के साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बन गया।

लैंडर से संचार लिंक स्थापित हो गया है। वह सिग्नल भेज रहा है। हम उत्साहित हैं। जो कामयाबी चार साल पहले मिल जानी थी, वह आज मिली। मिशन को किफायती बनाने के लिए हमने पृथ्वी व चांद दोनों के गुरुत्वाकर्षण का प्रयोग किया। चांद पर कदम• ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने गए पीएम
मोदी जोहानिसबर्ग से वर्चुअली जुड़े।

इसरो प्रमुख को फोन पर कहा- ‘आपका नाम सोमनाथ, यह चंद्र से जुड़ा है।’
• देश में अरसे बाद ऐसा नजारा दिखा, जब शाम 5 बजते ही लोग दफ्तर, रेस्तरां और घरों में टीवी पर लैंडिंग के साक्षी बने।

• यू-ट्यूब चैनल पर लैंडिंग को 80 लाख से अधिक ने लाइव देखा। यह रिकॉर्ड। इससे पहले फुटबॉल वर्ल्डकप-2022 का मैच 61
लाख लोगों ने लाइव देखा था।

रखने से पहले चंद्रयान-3 ने 40 दिन में 21 बार पृथ्वी और 120 बार चंद्रमा की परिक्रमा की। चंद्रयान ने चांद तक 3.84 लाख किमी दूरी तय करने के लिए 55 लाख किमी की यात्रा की। आगे हम विक्रम लैंडर की सेहत की जांच करेंगे। रोवर बाहर आ चुका है। इसे परिस्थितियों के हिसाब से कुछ घंटों से एक
दिन भी लग सकता है।

खुशियों की लैंडिंग

इसरो लाइवः तालियों की गड़गड़ाहट चंद्रयान-3 के हर कदम पर इसरो तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। सबकी निगाहें एकटक स्क्रीन पर रहीं। लैंडर ने जैसे ही चांद को छुआ, वैज्ञानिक अपनी जगह खड़े हो गए, एक-दूसरे को बधाई देने लगे और अंगुलियों से विक्ट्री साइन बनाते रहे। उनके हाथों में छोटे तिरंगे थे, जिन्हें वे लहराते रहे। सफल लैंडिंग पर इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने कहा कि इस सफलता ने भविष्य के मिशन में अधिक चुनौती लेने का आत्मविश्वास दिया है।

चंद्रदर्शन हुए; अगले महीने सूर्य नमस्कार, इस पर काम आज से

• इसरो का अगला मिशन सूर्य का अध्ययन करना है। आदित्य एल1 सितंबर के पहले हफ्ते में लॉन्च होगा। इसे लक्ष्य तक पहुंचने में 120 दिन लगेंगे। इंटीग्रेशन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। गुरुवार को रॉकेट से जोड़ने का काम शुरू होगा।

• गगनयान का अबोर्ट मिशन सितंबर के आखिरी हफ्ते या अक्टूबर के पहले हफ्ते के लिए प्रस्तावित है। इसके बाद मौसम पूर्वानुमान के लिए इनसेट थ्रीडी एस. मिशन जाएगा।

उपलब्धि… बस्ती बसा पाएंगे

चांद पर बस्ती बसाने की दिशा में अहम कदम। अब अमेरिका, चीन जैसे विकसित देशों की बराबरी पर भारत । दूसरे ग्रहों पर लैंडिंग के लिए आत्मविश्वास बढ़ा। अब संभव है कि हम दुनिया के दूसरे देशों के अंतर- मिशन में उनके सहभागी बने।

अब्दुल कलाम का सपना हुआ साकार चांद के दक्षिणी ध्रुव को छूने से पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का सपना साकार हो गया। उन्होंने ही 2004 में प्रेरित किया था कि हम चांद को छूने की कोशिश करें, ताकि तिरंगा चांद की सतह पर पहुंचे।

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