जम्मू-कश्मीर में दोहरा आतंकी हमला // Repeated terrorist attack in Jammu and Kashmi

18:42:53

नीचे सेना, पहाड़ी से अंधाधुंध फायरिंग करते रहे आतंकी

सभी अफसर, जवान युवा- बहादुर थे

• जम्मू-कश्मीर में दो दिन में दोहरा आतंकी हमला हुआ। अनंतनाग जिले के कोकरनाग क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों पर आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान बुधवार को देश के तीन युवा अफसर शहीद हो गए। इससे पहले मंगलवार को राजौरी में एक राइफलमैन और छह साल की लेब्राडोर डॉग फेंट शहीद हो गई थी।



कश्मीर में तीन साल का सबसे बड़ा हमला; कर्नल, मेजर, डीएसपी शहीद

लश्कर से जुड़े प्रतिबंधित रेजिस्टेंट फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी ली

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के गाडोल में 3 से 4 आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सेना और पुलिस ने मंगलवार शाम संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया था। रात होने पर ऑपरेशन रोक दिया गया था। बुधवार सुबह जब दोबारा आतंकियों की तलाश शुरू की गई, तो आतंकियों ने घने जंगल में घात लगाकर घेराबंदी की और हमला किया। उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग की। इसके चलते 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धौंचक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट शहीद हो गए। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े प्रतिबंधित रेजिस्टेंट फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी ली है। अधिकारियों का मानना है कि ये वही आतंकी हैं, जिनसे 4 अगस्त को कुलगाम के जंगल में मुठभेड़ में 3 जवान शहीद हो गए थे।

    कश्मीर में पिछले तीन साल में यह सबसे बड़ा हमला है, जिसमें इतने बड़े अफसरों की शहादत हुई है। इससे पहले कश्मीर के हंदवाड़ा में 30 मार्च 2020 को 18 घंटे चले हमले में कर्नल, मेजर और सब-इंस्पेक्टर समेत पांच अफसर शहीद हुए थे।

  • हमले में शहीद डीएसपी हुमायूं भट दक्षिण कश्मीर के त्राल के निवासी थे। यह वही
  • जगह है, जहां का बुरहान वानी था। भट की पिछले साल ही शादी हुई थी। दो माह का बेटा है। उनके पिता गुलाम हसन भट जम्मू-कश्मीर के आईजी रहे हैं। हुमायूं फुटबॉल और क्रिकेट खेलने के शौकीन थे।
  • कर्नल मनप्रीत सिंह का परिवार चंडीगढ़ में रहता है। 6 साल का बेटा और 2 साल की बेटी है। सेना में 17 साल पूरे किए थे। 

रक्षा मंत्री जम्मू-कश्मीर में ही थे,

तब हुआ हमला

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  • यह आतंकी हमला ऐसे समय हुआ है, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन के प्रोजेक्ट के अनावरण के लिए जम्मू में थे।
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  • . राजौरी में मारे गए आतंकियों से पाकिस्तान में बनी दवाओं समेत बड़ी मात्रा में युद्धक सामग्री बरामद की है।
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  • जम्मू क्षेत्र में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच सितंबर में हुई यह दूसरी मुठभेड़ है। इससे पहले 5 सितंबर को सेना ने रियासी जिले में एक आतंकी को मार गिराया था।
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  • इस साल जनवरी से अब तक जम्मू-कश्मीर में 40 आतंकी मारे गए हैं। इनमें 8 ही स्थानीय थे। बाकी सभी विदेशी ।


पाकिस्तान विदेशी आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहा है

↪ Repeated terrorist attack in Jammu and Kashmiभारत के इन इलाकों में हो रही प्रगति में बाधा डालने के लिए पाकिस्तान विदेशी आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहा है। जम्मू-कश्मीर में 2022 में 1.88 करोड़ से ज्यादा पर्यटक आए थे। हमारी कोशिश है कि इस साल यह संख्या 2.25 करोड़ पहुंचे। सेना विकास की इस यात्रा को रोकने की कोशिश सफल नहीं होने देगी।’

-लेफ्टि जनरल उपेंद्र द्विवेदी, कमांडर, नॉर्दर्न आर्मी



 

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