एमपी, प्रतापगढ़, मेवाड़ के रास्ते मारवाड़ पहुंच रहे है तस्कर

राजसमंद डीएसटी और तस्करों में मुठभेड़ में जोधपुर के फिटकासनी गांव के तस्कर सुभाष बावल उर्फमेवाड़ा पुत्र मेकाराम विश्नोई के मारे जाने के बाद पुलिस अलर्ट मोड़ पर आ गई, लेकिन भागे तस्कर का दूसरे दिन बुधवार को भी को कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इसके साथ ही भास्कर पड़ताल में सामने आया कि मध्यप्रदेश, चित्तौड़गढ़ व प्रतापगढ़ जिले में सबसे अधिक अफीम पैदावार होने के चलते नारकोटिक्स प्वाइंटों को देखते हुए राजसमंद और उदयपुर जिले के रास्ते ही मालवा, मेवाड़ और मारवाड़ को जोड़ता हैं। तस्करों के लिए सबसे महफूज रास्ता मारवाड़ को जोड़ने वाला चारभुजा के देसूरी नाल, दिवेर के सातपालिया का घाटी, भीम और देवगढ़ के कालीघाटी से होकर गुजरने वाले तस्करों का ट्रांजिट रोड बना रखा हैं। इनमें भी सबसे अधिक महफूज रोड है तो वह सतपालिया की घाटी रोड हैं। राजसमंद पुलिस ने पिछले 5 माह में तस्करों पर 6 बार फायरिंग करते हुए 15 क्विंटल डोडा चूरा, 6 वाहन और 5 पिस्टल सहित पंप एक्शन गन पकड़ चुके हैं। खास बात यह है कि तस्करी के आए दिन हो रहे मामलों में एक बात यह सामने आई है कि पुलिस की नाकाबंदी देखते ही बदमाश तस्कर फायर कर पुलिस को गुमराह कर देते हैं। पुलिस मुश्तैदी से वापस फायर करती है तो आपस में मुठभेड़ हो जाती हैं। तस्कर पहचान से बचने के लिए चोरी की लग्जरी गाड़ियों में तस्करी करते हुए फायरिंग करते हैं। फायरिंग के बाद पुलिस पीछा करते हैतो बदमाश मौका पाकर पहाड़ियों के रास्ते अंधेरे का लाभ उठाकर जंगल में चोरी के वाहनों को नाकाबंदी में छोड़कर भाग जाते हैं तो उनकी और वाहनों का पहचान नहीं हो पाती हैं। तस्कर प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, छोटीसादड़ी, बड़ीसादड़ी से डोडा चूरा की तस्करी कर मारवाड़ ले जाते है। उदयपुर संभाग में अलग-अलग तरीके की गतिविधियां होती है, कहीं अफीम की खेती होती तो कहीं स्टोरेज के साथ तस्करी होती हैं। ये तस्कर मालवा से मादक पदार्थों को लेकर आगे मारवाड़ होकर पंजाब व हरियाणा तक जाते हैं।

तीन जिलों और 15 अधिक से पुलिस थानों के आगे से निकलते हैं तस्कर

  • एमपी, प्रतापगढ़, छोटीसादडी, बड़ीसादड़ी, निकुंभ, मंगलवाड़, कपासन, रेलमगरा, आमेट, देवगढ़ केलवा, चारभुजा, दिवेर, भीम, वहीं उदयपुर के भींडर, खेरोदा, डबोक, प्रतापनगर, सुखेर, गोगुंदा और पिंडवाड़ा से मारवाड़ हाइवे 400 किलोमीटर की दूरी तय करते है। इस बीच राजस्थान के तीन जिलों और लगभग 15 से अधिक पुलिस थाने की सीमाओं से गुजरते हुए मारवाड़ पहुंचते है।

 

ये है तस्करी के 3 रूट

  • रूट 1: एमपी और निंबाहेड़ा क्षेत्र से अफीम आती है, जो चित्तौड़, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, छोटीसादडी, बड़ीसादड़ी, मंगलवाड़, भींडर, खेरोदा, डबोक, मावली, देबारी से हाईवे 76 पर से निकलकर से मारवाड़ की तरफ जाते हैं।
  • रूट 2: चित्तौड़ से कपासन,रेलमगरा होते हुए कुरज और अंदर के रास्तों पर देवगढ़, दिवेर सातपालिया कालीघाटी के रास्ते मेवाड़ को क्रॉस करते हुए मारवाड़ पाली पहुंच जाते हैं।
  • रूट 3: चितौड़ से मावली, नाथद्वारा, राजसमंद, गोमती चौराहा, चारभुजा से देसूरी की नाल लेकर मारवाड़ की तरफ निकलते हैं।

 

मारवाड़ में ही सप्लाई इसलिए करते हैं तस्कर केलवा थानाधिकारी संजय गुर्जर ने बताया कि मारवाड़ के जोधुपर, पाली, बाड़मेर, नागौर जिले में 10 साल पहले अफीम की खेती के लि सरकार की तरफ से पट्टे बांटे जाते थे, लेकिन वह अब बंद हो चुके हैं। मारवाड़ में शादी समारोह सहिता अन्य कार्यक्रम में अफीम का चलन हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश में 70 रुपए प्रति किलो डोडा चूरा मिलता है, जबकि मारवाड़ में 4 हजार रुप प्रति किलो मिलता है।

 

तस्करों की चेन को अभियान चलाकर तोड़ेंगेः जोशी

मादक पदार्थों की सप्लाई रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा हैं। अभियान में जिलेभर की पुलिस नाकाबंदी करते हुए अवैध शराब, अफीम के साथ डोडा चूरा बरामद किया। पिछले 5 महीनों में पुलिस पर 6 बार फायरिंग हो चुकी हैं। जल्द ही तस्करों का ट्रांजिट रोड को तोड़ा जाएगा और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

-सुधीर जोशी, एसपी राजसमंद

 

केलवा पुलिस और तस्करों के बीच 4 बार हो चुकी मुठभेड़ उल्लेखनीय है कि तस्करों और केलवा पुलिस के बीच जून महीने से लेकर अक्टूबर महीने तक 4 बार पुलिस व तस्करों के बीच मुठभेड़ हो चुकी हैं। हालांकि इस दौरान गनीमत रही की कोई जनहानि नहीं हुई। इस दौरान पुलिस ने पिस्टल, पंप एक्शन गन, वाहन सहित डोडा चूरा बरामद किया था। पिछले एक दशक में रेलमगरा, केलवा, चारभुजा, दिवेर व देवगढ़ थाना इलाकों कई बार तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ होकर फायरिंग होती रहती है।

तस्कर की नशे के कारोबार से जुटाई 5 करोड़ की चल और अचल संपत्ति फ्रीज की

श्रीगंगानगर . मादक पदार्थ पोस्त की तस्करी करके जुटाई 5 करोड़ रुपए के करीब की संपत्ति को जिला पुलिस ने गुरुवार को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के सक्षम प्राधिकारी सफेमा, 9वी मंजिल, लोक नायक भवन, खान मार्केट नई दिल्ली के आदेश पर की गई है। एसपी विकास शर्मा ने बताया कि साधुवाली गांव के वार्ड नंबर एक में बाईपास नेशनल हाइवे पर स्थित मकान निवासी महावीर प्रसाद उर्फ भोलू पुत्र किशनलाल बिश्नोई के इस मकान को इन आदेशों के तहत फ्रीज किया गया है। इस मकान की विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा बाजार कीमत वर्तमान में भूमी सहित 2 करोड़ 30 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा एक डस्टर कार करीब 10 लाख रुपए कीमत, एक बुलेट मोटरसाइकिल कीमत करीब 2 लाख रुपए है। इनको भी फ्रीज किया गया है। इसके अलावा आरोपी महावीर प्रसाद बिश्नोई के बेटे लडके अश्वनी बिश्नोई व देवेंद्र बिश्नोई के नाम चक 10 केएनडी तहसील घड़साना में एक मुरब्बा यानि 25 बीघा कृषि भूमि, जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ 50 हजार रुपए है, उसे भी इसी आदेश के तहत फ्रीज किया गया है। इस कार्रवाई को एएसपी सतनामसिंह, सीओ सिटी प्रशांत कौशिक की मौजूदगी में जवाहरनगर एसएचओ पृथ्वीपालसिंह भाटी ने टीम सहित अंजाम दिया है।